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Showing posts from June, 2018

बाबा नीब करौरी

गुरु का कार्य अपने शिष्य के अंदर छिपी हुई मौलिक दिव्यता से उसका परिचय कराना होता है। महाराज जी का जन्म मनुष्य सभ्यता को रास्ता दिखाने के लिए हुआ था। वह रास्ता था ----   अपने जी...

बाबा नीब करौरी

श्री मदन लाल साह भवाली जी की तीन महीने की लड़की के गले में गाँठ हो गयी। इसी बीच उनके भाई के लकवा मार गया तो उन्हें डाक्टर देखने के लिए घर पर आए । भाई का चेक अप करने के बाद मदन लाल ...

बाबा नीब करौरी

महाराज जी ने कैंची आश्रम प्रवास के समय स्वामी निर्मलानंद जी से पूछा की तुमने कैंची आश्रम जैसी कोई जगह देखी है । स्वामी निर्मलानंद जी ने कहा की " केंडी श्री लंका में। वह मणिक ...

बाबा नीब करौरी

यह बाबा नीब करौरी वृंदावन आश्रम स्थित वह दिव्य स्थान है  जिसे बाबा नीब करौरी महाराज ( महाराज जी ) ने अपनी भौतिक लीलाओं को विराम देने के लिए चुना।वह कैंची आश्रम से आगरा आए ओर व...

बाबा नीब करौरी

एक बार स्वामी निर्मलानंद जी ( डिवाइन लाइफ़ सॉसाययटी ऋषिकेश ) बताते हैं कि एक बार वे परिव्राजक यात्रा में ऋषिकेश से पर्वतीय मार्ग द्वारा होते हुए कैंची आश्रम पहुँचे। वहाँ उ...

बाबा नीब करौरी

इस शताब्दी के चौथे दशक के बाद आपने नैनीताल को अपनाया। आप नैनीताल आते जाते रहते , परन्तु स्थाई रूप से वहां नहीं रहते थे। इस नगर के सभी लोग आपके भक्त हो चले थे और जब भी आप इधर आत...

बाबा नीब करौरी

महाराज जी की भक्ति केवल पुरुषों तक ही सीमित नहीं रही जो भी महाराज जी का भक्त बनता सपरिवार ही बनता था। महाराज जी के भक्तों की सूची तैयार करना संभव नहीं है। संपूर्ण  विश्व एव...

नीब करौरी बाबा

श्री हुकम चंद जी , सिंध के रहने वाले थे । हिंदुस्तान ओर पाकिस्तान के विभाजन के समय आप १९४७ में आप मद्रास में आकर व्यापार करने लगे । स्वभाव से आप साधु प्रकृति के थे आप मद्रास मे...

नीब करौरी बाबा

ट्रेन के काफ़ी विलम्ब से लाल कुआँ स्टेशन पर पहुँचने के कारण वहाँ से हल्द्वानी पहुँचने का कोई साधन नहीं था। रात काफ़ी हो चुकी थी। इतनी रात में बस भी कोई नहीं थी। रात लाल कुआँ ...

आधी दाढ़ी

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नीब करौरी बाबा

महाराज जी जब अपने भक्तों के साथ जब ट्रेन से काशीपुर से हल्द्वानी आ रहे थे। तब उसी कक्ष मैं एक मुसलमान एक फल की टोकरी लेकर उसे हल्द्वानी जाकर बेचने के लिए चढ़ता है। भक्त जन उ...

नीब करौरी बाबा

महाराज जी एक बार भक्त मंडली के साथ काशी से हल्द्वानी की यात्रा कर रहे थे। किशन चौबे जी ने महाराज जी का द्वितीय श्रेणी का ओर बाक़ी तृतीय श्रेणी के सात टिकट लेकर दे दिए। सभी लो...

नीब करौरी बाबा

महाराज जी एक बार भक्त मंडली के साथ काशी से हल्द्वानी की यात्रा कर रहे थे। किशन चौबे जी ने महाराज जी का द्वितीय श्रेणी का ओर बाक़ी तृतीय श्रेणी के सात टिकट लेकर दे दिए। सभी लो...