बाबा नीब करौरी
एक बार स्वामी निर्मलानंद जी ( डिवाइन लाइफ़ सॉसाययटी ऋषिकेश ) बताते हैं कि एक बार वे परिव्राजक यात्रा में ऋषिकेश से पर्वतीय मार्ग द्वारा होते हुए कैंची आश्रम पहुँचे। वहाँ उन्होंने महाराज जी के दर्शन किए । उन्हें देख कर महाराज जी बोले , " तू ऋषिकेश से आ रहा है क्या ? " उनके स्वीकार करने पर महाराज जी बोले , " तू गुरु को क्या समझता है ? " निर्मलानंद जी के मुख से स्वतः ही निकल गया,
" गुरुर ब्रह्मा ग़ुरूर विष्णु ग़ुरूर देवों महेश्वरा:।
ग़ुरूर साक्षात पर ब्रह्म: तस्मै श्री गुरूवे नमः ।।
इस पर महाराज जी बोले " इस श्लोक के केवल कहने का कोई प्रयोजन नहीं है , तू अभी सीधा वापस चला जा ।" वे उनके उस गुप्त आदेश का अर्थ उस समय तो नहीं समझ पाए । पर निर्मलानंद जी बताते है की यह वही समय था जब स्वामी शिवानंद जी को पैरालिसिस हुआ था ओर इक्कीस दिन के पश्चात उनकी मृत्यु हो गयी थी ।
#Jai_Gurudev...👏❤
#जय#गुरुदेव
#Jai#Gurudev
#babaneebkarorimaharaj.com
#Mahasamadhisthal
#samadhi#sthal
Comments
Post a Comment