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Showing posts from September, 2018

mela

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बाबा नीब करौरी

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वेदपाठियों के विभिन्न मंत्रोच्चारण के मध्य विभिन्न तीर्थों के जल के 1008 घटकों से दूध, दही, घी, मधु, सर्करा आदि से अभिषेक-स्नानोपरांत महाराजजी को गंगा जल के शुध्दोदक से स्नान क...

बाबा नीब करौरी

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......कुछ वर्ष यह मंदिर यूँ ही विना मूर्ती (विग्रह) के ही रहा। परन्तु वर्ष 1981 कि वसंत पंचमी के पवन पर्व में इस मंदिर में महाराज जी की मूर्ती की स्थापना हो गयी। यहाँ मूर्ती को देखकर भी...

बाबा नीब करौरी

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.... और फिर उसी शुद्ध किये गए स्थल में ही महाराजजी के लीला शरीर को अनंतचतुर्दशी के पावन पर्व में अग्निदेव को समर्पित कर दिया तथा ट्रस्टियों द्वारा उसी पवित्र  स्थल में जहाँ म...

बाबा नीब करौरी

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"श्री वृन्दावन धाम - अंत से अनंत की ओर" श्री वृन्दावन धाम में महाराजजी ने केबल हनुमान मंदिर एवं आश्रम कि स्थापना करबाई थी और अपने जाने से पूर्व वृन्दावनेश्वरी देवी के प्रति...

बाबा नीब करौरी

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स्वामी चिदानंद , डिवाइन लाइफ सोसायटी और श्री शिवानंद आश्रम के अध्यक्ष, महाराज जी के लिए कहते है कि "उत्तरी भारत के एक महान आश्चर्य रहस्यवादी संत।" महाराज जी कहते हैं कि लोगो...

बाबा नीब करौरी

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Contin...श्री महाराज जी सदैव वसुधैव कुटुंबकम् में विश्वास रखा करते थे। सम्पूर्ण विश्व उनका घर था | सभी प्राणी उनके बच्चे जैसे थे। महाराज जी ने ११ सितंबर सन् १९७३( भाद्र शुक्ल पक्ष ...

बाबा नीब करौरी

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सन् १९४० के पश्चात आपने अपना अधिकतर समय नैनीताल क्षेत्र एवं वृंदावन में व्यतीत करना आरम्भ कर दिया। सन् १९५० में महाराज जी ने हनुमानगढ़ी में श्री हनुमान जी के मंदिर की स्था...

बाबा नीब करौरी

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Continue.... गंगा तट किलाघाट छोड़ने के पश्चात् आप कई जगह घूमते रहे। इस विषय में कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता है। अनुमानतः इस दौरान आप बरेली, हल्द्वानी, अल्मोड़ा, नैनीताल, कानपुर, वाराणसी,...

बाबा नीब करौरी

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Cont...कुछ समय पश्चात पुरानी गुफा से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर गाँव वालों ने गोवर्धन नामक ब्राह्मण की बंजर भूमि पर एक नई गुफा का निर्माण करा दिया। महाराज जी ने उस गुफा के अन्दर गं...

बाबा नीब करौरी

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कुछ समय तक बबनिया रहने के पश्चात आपने बबनिया को भी छोड़ दिया और आप घूमते घूमते नीब करौरी गाँव जिला फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) आ पहुंचे। महाराज जी कि वाणी दिव्य थी यद्यपि आपका ...

बाबा नीब करौरी

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बाबा नीब करौरी महाराज (पूर्व नाम पं. लक्ष्मीनारायण शर्मा) के पिता श्री दुर्गा प्रसाद एवं माता श्रीमती कौसल्या देवी बहुत ही सरल, सहज एवं संस्कारित आस्थावान ब्राह्मण थे। आप...

swam narayan

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Remembering numerous experiences of devotees when they were grazed with grace of our beloved guru NEEB KARORI BABA Voice and animation by Samarth Johri Maharajji's Grace-"  स्वयं नारायण “

Baba Neeb Karori

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What is the service of the Guru? Service of the Guru is to try our level best to carry out his teaching's, carry out the instructions of the Guru. Upon his sublime instructions we have to mould our life. We should also try to mould ourselves into that pattern of which he himself is a visible ideal. The secret of carrying out the instructions of the Guru to our humble best is a willing obedience in spirit. That is the most important thing. #जय#गुरुदेव #Jai#Gurudev # babaneebkarorimaharaj.com #Mahasamadhisthal #samadhi#sthal #vrindavan

बाबा नीब करौरी

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बाबा नीब करौरी बीसवीं सदी के ऐसे संत थे, जो कभी भक्तों को अपने पीछे न दौड़ाकर भक्तों के सुख दुःख को बांटने हेतु उनके पीछे दौड़ते थे। वे किसी भी राजनेता, महंत एवं उद्योगपति को उन...

बाबा नीब करौरी

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बाबा नीब करौरी जी महाराज भारत के राष्ट्रीय महात्माओं की परंपरा में आते हैं। अपने जीवन काल में अनेक लीलाएँ करते हुए, आपने अपने भक्तों के कल्याण के लिए श्री हनुमान जी की आराध...

बाबा नीब करौरी

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महाराज जी की रहस्यमय लीलाये एक नवीन और व्यवहारिक दृष्टि प्रदान करती है। सत्य और आत्मा मे भेद नही हो पाता। बिना अपने को मिटाये उसके स्वरूप का बोध हो ही नही सकता। सच्चा अनुभव ...

बाबा नीब करौरी

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एक दिन लखनऊ में श्री सूरज नरायण महरोत्रा जी का लड़का मकान की उपर की मंजिल से नीचे गिर पड़ा और उसे गहरी अन्दरूनी चोट आ गयी। डाक्टर लोग यथाशक्ति उपचार कर रहे थे, परन्तु हालत निरं...

बाबा नीब करौरी आश्रम वृन्दावन

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श्री गुरुवे नमः प्रातः स्मरणीय श्री बाबा नीब करौरी महाराज जी का पैंतालीसवां निर्वाणोत्सव परमपूज्य बाबा श्री नीब करौरी जी महाराज का पैंतालीसवां निर्वाणोत्सव दिनांक 23 ...

बाबा नीब करौरी

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महाराज जी का वास्तविक परिचय मानवीय सामर्थ्य के बाहर है। प्रकृति के सभी विधाओं पर उनका संपूर्ण अधिकार था। वे अपने आपको कहीं भी स्थापित करने मैं समर्थ थे। वे अपने आपको किसी ...