बाबा नीब करौरी

वेदपाठियों के विभिन्न मंत्रोच्चारण के मध्य विभिन्न तीर्थों के जल के 1008 घटकों से दूध, दही, घी, मधु, सर्करा आदि से अभिषेक-स्नानोपरांत महाराजजी को गंगा जल के शुध्दोदक से स्नान कराया गया। वस्त्राभूषणों में महाराजजी कि अभिरुचि बाला परिधान धोती एवं कम्बल उन्हें पहनाया गया। तरह तरह के सुगन्धित पुष्पों एवं पुष्प मालाओं से उनका अभिनन्दन किया गया। अनेक प्रकार के फल एवं नाना प्रकार के भोग अर्पित किये गए। आश्रम में उपस्थित अनेक भक्तों द्वारा महाराजजी महाराज के जयकारों से आश्रम पुनः पुनः गुंजायमान होता रहा।
तदुपरांत हजारों कि संख्या में देश विदेश से आये भक्तों ने एवं वृन्दावन वासियों ने महाराज जी का भोग प्रसाद पाया। ब्राह्मणों को साधुओं को जोगियों को द्रव्य एवं वस्त्रादि देकर संतुष्ट किया गया। इस महोत्सव के पूर्व रामायण जी का अखंडपाठ, विष्णु यज्ञ कीर्तन, भजन, हनुमान चालीसा, सुन्दरकाण्ड  आदि के पाठों से आश्रम का सम्पूर्ण क्षेत्र एक नैसर्गिक छाता प्राप्त कर चुका था और समस्त भक्त मंडली में इस आल्हाद्पूर्ण वातावरण का उल्लासपूर्ण प्रतिबिम्ब द्रष्टिगोचर होता रहा।
इस प्रकार उस वर्ष से बसंतोत्सव महाराज जी के मंदिर के मूर्ति स्थापनापन दिवस में बदल गया।

#Jai_Gurudev...👏❤
#जय#गुरुदेव
#babaneebkarorimaharaj.com
#babaneebkarori.org
#babaneebkarori.in
#Mahasamadhisthal
#samadhi#stha
#vrindavan

Comments

Popular posts from this blog

Jai guru dev

Neeb Karori Baba || Neem Karoli Baba || Maharajji || Ram Dhun at Vrindav...