बाबा नीब करौरी
एक दिन शंकर प्रसाद व्यास जी ने महाराज जी से कहा की में हनुमान जी कथा बहुत सुना चुका हूँ परंतु मुझे अभी तक हनुमान जी के दर्शन नहीं हुए । महाराज जी बोले " तू बर्दाश्त कर पाएगा उनके दर्शन ।" इतना कह कर महाराज जी मौन हो गए आप भी कुछ नहीं बोले।उसी रात आपकी नींद एकाएक खुली। अर्धरात्रि का समय रहा होगा, आप लघुशंका हेतु कमरे से बाहर आही रहे थे, आपकी आँखों के सामने एक तेजोमय कनक भूधराकार आकृति उपस्थित हो गयी । आप उस द्रश्य को देख कर भयभीत हो गए। आपने अपना दरवाज़ा बंद कर लिया ओर धम्म से बिस्तर पर आ गिरे। इसके तुरंत बाद ही महाराज जी का आपके कमरे मैं प्रवेश हुआ। उन्होंने आपके अपर हाथ फेरते हुए कहा " तबियत तो ठीक है ? आप स्वस्थ हो गए ओर महाराज जी के चरणों मैं गिर पड़े।
#Jai_Gurudev...👏❤
#जय#गुरुदेव
#babaneebkarorimaharaj.com
#babaneebkarori.org
#babaneebkarori.in
#Mahasamadhisthal
#samadhi#sthal
Comments
Post a Comment