बाबा नीब करौरी
शंकर प्रसाद व्यास जी को एक बार यह मालूम पड़ा की महाराज जी ने अपने एक भक्त को पाँच रुपये देकर लॉटरी ख़रीदने के लिए कहा।उसने लॉटरी ख़रीद ली। कुछ दिन पश्चात उसकी पाँच लाख की लॉटरी निकल आयी । श्री शंकर प्रसाद व्यास जी के मन में विचार आया कि यदि महाराज जी यदि उसके साथ भी कुछ ऐसा कर दें तो कथा वार्ता की भाग दौड़ से मुक्ति मिल जाती। एक बार अवसर पाकर आपने महाराज जी से निवेदन कर ही डाला। महाराज जी सुन कर चुप लगा गए। उस रात जब व्यास जी रात को सोये तो स्वप्न में उन्हें हनुमान जी का दर्शन हुआ। हनुमान जी ने उनकी पीठ पर मुक्के से प्रहार किया वे दर्द से कर उठे। नीद खुलने पर भी दर्द बना रहा । दूसरे दिन जब व्यास जी महाराज जी के कमरे में दर्शन करने गये तो महाराज जी बोले "तू पाँच लाख रुपये चाहता है या हनुमान जी की भक्ति। रुपयों से भक्ति नहीं होती, कष्ट ज़रूर होता है। कल रात हनुमान जी ने तुझसे यही सीख दी है। तब से श्री शंकर प्रसाद व्यास जी आज तक ईश्वर की कथा वार्ता करते आ रहे है।
#Jai_Gurudev...👏❤
#जय#गुरुदेव
#babaneebkarorimaharaj.com
#babaneebkarori.org
#babaneebkarori.in
#Mahasamadhisthal
#samadhi#sthal
#vrindavan
Comments
Post a Comment