बाबा नीब करौरी
महाराज जी के साथ रहने पर उनका एक पहलू जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया वह था महाराज जी के साथ बैठे हुए विभिन्न लोगों द्वारा बहुस्तरीय अनुभव।हम उनके साथ बैठे हुए होते थे ओर कुछ बहुत ज़्यादा नहीं हो रहा होता था। हम लोग चाय पी रहे होते थे महाराज जी किसी को फल दे रहे होते कभी कोई आ कर कुछ शब्द कह जाता। इस तरह की छोटी छोटी घटनाक्रम होते रहते। हम सब इन छोटी छोटी घटनाओं को ध्यान से देखते रहते इनमे सबसे प्यारी ओर अच्छी बात महाराज जी का अपनी गर्दन को झुकाना ओर उनके हाथों का चलाना होता। उसी समय हम अलौकिक आनंद ओर प्रेम की गंगा महसूस करते साथ ही साथ हम यह महसूस करते की हम प्रचंड अग्नि की ज्वाला के बीच बैठे हुए है।
रामदास
#जय#गुरुदेव
#Jai#Gurudev
#babaneebkarorimaharaj.com
#Mahasamadhisthal
#samadhi#sthal
#vrindavan
Comments
Post a Comment