गौ सेवा का महत्त्व
#गौ-सेवा का महत्व
#पद्म #पुराण में कहा गया है –
गौ को अपने #प्राणों के समान समझे, उसके शरीर को अपने ही शरीर के तुल्य माने, जो गौ के शरीर में सफ़ेद और रंग-बिरंगी रचना करके, काजल, पुष्प, और तेल के द्वारा उनकी पूजा करते है, वह अक्षय स्वर्ग का सुख भोगते है. जो प्रतिदिन दूसरे की #गाय को मुठ्ठीभर घास देता है, उसके समस्त #पापों का नाश हो जाता है जैसे #ब्राहमण का महत्व है, वैसे ही गौ का महत्व है, दोनों की पूजा का फल समान है. #भगवान के मुख से अग्नि, #ब्राह्मण, #देवता और #गौ - ये चारो उत्पन्न हुए इसलिए ये चारो ही इस जगत के जन्मदाता है .
#जय#गुरुदेव
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